भारतीय प्रजापति हीरोज ऑर्गेनाईजशन (BPHO)


BPHO प्रजापति समाज के बुद्धिजीवियों का राष्ट्रिय स्तर का वैचारिक मंच है जिसका उद्देश्य वर्गों में बंटे समाज को संगठित करने, शिक्षा , राजनीती व अपने अधिकारों के लिए जागरूक करना है

किसी भी संगठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए उसमे आंतरिक लोकतन्त्र, अनुशासन व सद्श्यों की संगठन के प्रति आस्था का होना जरूरी है।

BPHO के भारत भर में फेले व्हाट्सप्प ग्रुप्स के सुचारू सञ्चालन हेतू कुछ नियम है जिनका पालन जरूरी है।

1- BPHO प्रजापति समाज का शुद्ध सामाजिक संगठन है जिसका किसी पार्टीगत राजनेतिक पार्टी अथवा साम्प्रदायिक विचारधारा से कोई सम्बन्ध नही है। इसको ध्यान में रखते हुए ग्रुप में किसी तरह का पार्टीगत प्रचार या साम्प्रदायिक सन्देश भेजना सर्वथा वर्जित है।

2- ग्रुप में प्रजापति समाज से सम्बन्ध नही रखने वाली इमेजेज या प्रिंटेड मेसेज सर्वथा वर्जित है। ग्रुप समाजिक मुद्दों पर सम्वाद कर उन पर यथासम्भव कार्यवाही हेतू बनाया गया है इसका उसी अनुरूप प्रयोग करें।

3- ग्रुप में किसी भी प्रकार के देवी देवताओ के चित्र या सन्देश भेजना वर्जित है। धर्म व्यक्तिगत आस्था का विषय है इसे व्हाट्सप्प की सामग्री नही बनाएं।

4- ग्रुप में अंधविश्वास व रूढ़िवादिता को बल प्रदान करने
वाले सन्देश सर्वथा वर्जित है।

5-  ग्रुप में किसी को भी जोड़ने या निष्काशित करने का अधिकार ग्रुप संयोजक को होगा।

6- ग्रुप में किसी भी सदश्य द्वारा भेजे गए विवादित या अवांछित सन्देश या टिप्पणी का जबाब संयोजक ही देंगे हर सदश्य टोकाटाकी नही करें। व मुद्दे को बढ़ाने की जगह सुलझाने में सहयोग करें।

7- ग्रुप में सिर्फ सदश्यों के जन्मदिवस या सालगिरह पर ही बधाई दे। परिवारजनों या राजनेतिक पार्टियों के नेताओ या महापुरुषों की जन्म जयंतियों या निर्वाण दिवसों पर फेसबुक आदि अन्य माध्यमों का उपयोग करें।

8-  ग्रुप में चर्चा का विषय संयोजक की अनुमति से रखे व उसी पर चर्चा करे। किसी भी तरह के विवाद की स्थिति में संयोजक को ही फैसला करने दे।
विवाद को हवा नही दे।

9-  ग्रुप में किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत लक्ष्य कर कोई टिप्पणी नही करें। किसी से कोई शिकायत हो तो संयोजक को अवगत कराएं।

10- ग्रुप संयोजक के आव्हान पर समय  -  समय पर आहूत बैठकों में अवश्य हिस्सा ले। 

11-  ग्रुप में शुबह 7.00 am से 9 am और शाम 7 से  10 pm तक ही चर्चा करें। यदि कोई चर्चा देर तक तभी करे जब किसी सदश्य को आपत्ति नही हो।

12- ग्रुप संयोजक आपके किसी भी सन्देश का जबाब देने के लिए हर समय उपलब्ध नही होंगे। आप अपना सन्देश ग्रुप में छोड़ कर उनके ऑनलाइन आने तक धैर्य के साथ इंतज़ार करें।
BPHO के व्हाट्सप्पस का अनुशासन अनुकरणीय है जिसकी वजह आप हम है।
इसे बरकरार रखने में आपका सहयोग अपेक्षित है।
धन्यवाद।

जयपुर चलो | एक दिन अपने समाज के नाम


एक दिन संगठन वाद से ऊपर उठकर,अपने अंतर्मन से सिर्फ समाज की सोचिये....
किसी ओर की पहल का इंतज़ार ना करिये.....
25 फ़रवरी 2018
प्रजापति समाज का ऐतिहासिक दिन-जिसकी आज तक कल्पना मात्र करते रहे है शायद हम....
आईये अपने लिए -अपने आने वाली पीढ़ी के लिए....
एक स्वर्णिम भविष्य की नींव रखने में अपने अपनो का..अपने समाज का सहयोग कीजिये.....



मिटटी के बर्तन में खाना पकाने के फायदे ! कुम्हार से बड़ा वैज्ञानिक कोई नहीं, हमे नतमस्तक होना चाहिए

मिटटी के बर्तन में खाना पकाने के फायदे ! कुम्हार से बड़ा वैज्ञानिक कोई नहीं, हमे नतमस्तक होना चाहिए
घी भी मिट्टी की हांडी से ही निकालती थी दही का मट्ठा भी मिट्टी की हांडी में बनता था अब मेरी समझ में आया कि हजारों साल से मिट्टी के बर्तन क्यों इस देश में आए हम भी एल्युमीनियम बना सकते थे देखिए बात मैं आपसे कहने जा रहा हूं की हिंदुस्तान भी 2000 साल पहले 5000 साल पहले एल्युमीनियम बना सकता था क्योंकि एलुमिनियम का रो मटेरियल इस देश में भरपूर मात्रा में है बॉक्साइट. हिंदुस्तान में बॉक्साइट के भरपूर खजाने भरे पड़े हैं कर्नाटक बहुत बड़ा भंडार तमिलनाडु आंध्र प्रदेश बॉक्साइट के बड़े भंडार है हम भी बना सकते थे अगर बॉक्साइट है तो एल्युमीनियम बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है लेकिन हमने नहीं बनाया क्योंकि उसकी जरुरत नहीं थी हमको जरुरत थी मिट्टी की हांडी इसलिए हमने मिट्टी की हांडी बनाई और उसी पर सारे रिसर्च और एक्सपेरिमेंट किए इसलिए कुमारों की एक पूरी की पूरी जमात इस देश में खड़ी की गई थी तुमको भईया मिट्टी के ही बर्तन बनाने हैं माने तुमसे बड़ा वैज्ञानिक कौन अब यह कुमार जो इतने बड़े वैज्ञानिक हैं इस देश के जो मिट्टी के बर्तन बनाकर हजारों साल से दे रहे हैं हमारे स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए हमने उनको नीची जाति बना दिया हम कैसे मुर्ख लोग वह नीचे कहां है जरा बताइए अगर प्रेशर कुकर की कंपनी जो बना रही है प्रेशर कुकर वो ऊंचा आदमी है तो यह कुमार नीचा कैसे हो गया यह ऊंचा नीचा हमने डाल दिया इस देश में इसी ने देश का सत्यानाश कर दिया !
इस विडियो में देखिए फाइव स्टार होटल में मिटटी के बर्तनों में खाना बनता है
यह ऊंचा नीचा कुछ तो अंग्रेजों ने डाला और कुछ अंग्रेजों के पहले जो मुसलमान थे उन्होंने डाला और कुछ अंग्रेज और मुसलमानों के जाने के बाद हम काले अंग्रेजों ने इसको ऐसा पक्का बना दिया कि कुमार इस देश में बैकवर्ड क्लास है जो सबसे बड़ा वैज्ञानिक काम कर रहा है मिट्टी के बर्तन बना बना के आप के माइक्रो न्यूट्रीएंट्स को आप के सूक्ष्म पोषक तत्वों को कम नहीं होने देने के लिए मिट्टी का सिलेक्शन करता है वो आपको मालूम है की हर एक मिट्टी से बर्तन नहीं बनते एक खास तरह की मिट्टी है वही बर्तन बनाने में काम आती है और एक खास तरह की मिट्टी है जो हांडी बनाती है दूसरे खास तरह की मिट्टी है जिससे कुल्लड बनता है तीसरे खास तरह की मिट्टी में कुछ और बनता है यह मिट्टी को पहचानने कि इसमें कैल्शियम ज्यादा है इसमें मैग्नीशियम ज्यादा है कि इसलिए हांड़ी इस से बनाओ
इसमें मैग्नीशियम कम है इसलिए इसका कुल्हड़ बनाओ यह तो बहुत बहुत बारीक और विज्ञान का काम है यह सब कुम्हार कर रहे हैं हजारों सालों से कर रहे हैं बिना किसी यूनिवर्सिटी में पड़े हुए कर रहे हैं तो हमें तो वंदन करना चाहिए उनके सामने नतमस्तक होना चाहिए कितने महान लोग हैं दुर्भाग्य से सरकार की कैटेगिरी में वह बैकवर्ड क्लास में आते हैं तो यह जो मिट्टी के बर्तन की बात हुई वह मिट्टी के बर्तन की बात इसलिए कि माइक्रो न्यूट्रीएंट्स का सब कुछ सामान्य रहता है इसलिए हमारे यहां मैलीनियम के बर्तन या दूसरे मेटल के बर्तन का चलन कम है भगवान के लिए तो बनाते नहीं धातु के बर्तन में खाना नहीं बनता सभी मंदिरों में भोजन और प्रसाद ज्यादातर मिट्टी के बर्तन तो आप भी कर लीजिए यह काम प्रेशर कुकर निकालिए मिट्टी की हांडी ले आए तो आप कहेंगे जी दाल देर में पकेगी सिद्धांत ही वही है दाल का तो जो देर में खेत में पक्की है वह देर में घर में भी पकेगी तो आप बोलेंगे कि टाइम मैनेजमेंट कैसे होगा मैं आप को सरल बता देता हूं
दाल को हांडी में रखकर चढ़ा दीजिए बाकी सब काम करते रहिए घंटे डेड घंटे में पक जाएगी उतार लीजिए फिर खा लीजिए घंटे डेड घंटे में आपके झाड़ू पोछा दूसरे बर्तन साफ करना कपड़े साफ करना या जो भी काम करना है पढ़ना लिखना बच्चों को पढ़ाना तो करते रहिए वो दाल पकती रहेगी यह है बागवट जी का सूत्र कि ऐसा भोजन नहीं करना जो बनाते समय पकाते समय सूर्य के प्रकाश से वंचित हो और पवन के स्पर्श से वंचित हो यह तभी संभव है जब आप खुले बर्तन में खाना बनाएं तो पवन भी अंदर आए सूर्य का प्रकाश की किरणें भी अंदर आए खुले बर्तन में और वह खुला बर्तन सबसे अच्छा मिट्टी का हांडी
आप कहेंगे कि अगर मिट्टी की हांडी के बाद अगर कोई कोई चीज है तो हमारे यहां एक मैटल बनता है जिसको आप लोग कहते हैं एलाय है कांसा कांसा आपने सुना है शायद देखा भी हो किसी के घर में तो दूसरा सबसे अच्छा माना जाता है कांसा तीसरा सबसे अच्छा माना जाता है पीतल अब यह कांसा और पीतल में भी हमने काम कर लिया की अरहर की दाल को कांसे के बर्तन में पकाएं तो उसके सिर्फ 3% माइक्रो न्यूट्रीएंट्स कम होते हैं 97% मेंटेन रहते हैं पीतल के बर्तन में पकाएं तो 7% कम होते हैं 93 परसेंट बचे रहते हैं लेकिन प्रेशर कुकर में बनाएं तो सिर्फ 7% बचते हैं बाकी खत्म हो जाते हैं

अब आप तय कर लीजिए कि आपको लाइफ में क्वालिटी चाहिए तो आपको मिट्टी की हांडी की तरफ ही जाना पड़ेगा क्वालिटी ऑफ लाइफ की अगर आप बात करेंगे तो माने जो खा रहे हैं वह पूरे शरीर में पोषकता दे यह लाइफ की क्वालिटी की बात करेंगे तो मिट्टी की हांडी की तरफ ही जाना पड़ेगा माने भारत की तरफ वापस लोटना पड़ेगा इंडिया से अभी हम हैं इंडिया में जो बनाया अंग्रेजों ने या बना दिया अमेरिकियों ने इस इंडिया से निकलकर भारत की यात्रा करनी पड़ेगी
और मैंने पिछले एक दो वर्षों में ये बातें गांव-गांव में कहना शुरू किया है तो इसका परिणाम पता क्या की कुम्हारों की इज्जत बढ़ गई है गांव में गांव वाले यह समझते हैं कि यह तो कोई बड़ा काम कर रहे हैं हमारे लिए और मैं मानता हूं कि मेरे व्याख्यान कि अगर कोई सार्थकता है तो यह कुम्हारों की इज्जत इतनी बढ़ जाएगी कि वह पंडितों के बराबर आ जाएं क्योंकि वह किसी से नीचे नहीं है क्योंकि वह किसी से छोटे नहीं हैं भले वह मिट्टी के बर्तन बना रहे हैं बहुत वैज्ञानिक काम हो कर रहे हैं और मजे की बात की वो हांड़ी बनाकर सिर्फ 200- 250 रूपये में ही दे रहे हैं प्रेशर कुकर तो 1000 – 1500 रूपये का है और और सबसे मजे की बात जब हांडी खत्म होगी माने इसके लाइफ पूरी हो जाएगी तो यह हांडी फिर मिट्टी में मिल जाएगी फिर वही मिट्टी से हांडी बन जाएगी
अजय प्रजापति - मुम्बई
सर्व प्रजापति शक्ति ट्रस्ट, मुम्बई
संपर्क: 8097672809/8422089566


आमंत्रण मिशन मिट्टी दीप

 ||  पधारो बीकानेर  ।।
 भारतीय प्रजापति हीरोज आर्गेनाईजेशन रजि. की राजस्थान इकाई द्वारा आयोजित #मिशन_माटीदीप के तहत दीप से दीप जले.... कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 2 अक्टूबर 2017 वार सोमवार को बीकानेर के जूनागढ़ फोर्ट के आगे स्वदेशी लघु शिल्पकारों द्वारा हस्त निर्मित 11000 माटी के दीपकों की भव्य रोशनी के साथ किया जाकर दीपावली पर्व को मिट्टी के दीये जलाकर मनाने व अपनी परंपरा एवम संस्कृति को बचाने का संदेश जन जन तक पहुंचाया जाएगा।
 इस मौके पर आप सभी की उपस्थिति सादर अपेक्षित है।
 निवेदक
 किशनलाल प्रजापत

 प्रदेश सचिव भारतीय प्रजापति हीरोज आर्गेनाईजेशन रजि, राजस्थान

मिशन मिट्टी दीप

देश का पैसा अपने ही देश में रहे।  हमारी अर्थव्यवस्था ना डगमगा पाएं। विदेशी कर्जा कम हो जाए। इसके लिए देश में निर्मित उत्पाद व हाथ से काम करने वाले गरीब कलाकारों दस्तकारों के बनाएं उत्पाद खरीदें। आप एक कलाकार को रोजगार व एक कला को बचा रहे हैं। देश की सीमा पर जाकर हर कोई नहीं लड़ सकता। लेकिन समाज हित देश हित में विदेशी वस्तुओं का मोह तो छोड़ सकते हैं। भारतीय परंपराओं कलाओं का संवर्धन बहुत जरूरी है । ।

भारतीय संस्कृति से नाता जोड़ों

पश्चिमी संस्कृति का मोह छोड़ो।

 स्वदेशी अपनाओ देश बचाओ।

निवेदक... भारतीय प्रजापति हीरोज आर्गेनाइजेशन

एक लाख सदस्यों वाला क्लोज्ड ग्रुप बना BPHO

सभी प्रजापति भाइयो, पदाधिकारियों व् संस्थापक सदस्यों को एक लाख (लखपति) होने पर हार्दिक सुभकामनाये ! अकेले ही चले थे और कारवां बनता चला गया ! एक - एक प्रजापति ने इस हीरोज रूपी भवन के निर्माण में एक - एक ईंट का काम किया ! यह एक अतुलनीय एवं अविस्मरणीय पल हैं ! इसी के साथ नए पदाधिकारियों के लिए भी चुनोती और उत्तरदायित्व बढ़ गया हैं ! इस संगठन रूपी समुंद्र में मंथन करते रहिए, अनेकों बहुमूल्य हीरे और हीरोज़ अमृत के रूप में निकलेंगे ! धन्यवाद जय श्री दक्ष ! जय BPHO!

आगाज ए #मिशन_माटीदीप


भारतीय प्रजापति हीरोज आर्गेनाईजेशन रजि. की राष्ट्रीय महिलाध्यक्षा सम्माननीय प्रजापति मंजू बारवाल जी के नेतृत्व में आज रतनगढ़ में "स्वदेशी अपनाओ, मिट्टी दीप जलाओ।" मिशन मिट्टीदीप के तहत दीप से दीप जले... कार्यक्रम का आयोजन कर महिला हीरोज की प्रदेश व स्थानीय पदाधिकारी व अन्य हीरोझ बहनों की भव्य उपस्थिति में 1100 मिट्टी के दीयों की रोशनी कर हीरोज की महिला शक्ति ने इसका आगाज कर दिया।